इंदौर में पानी की बचत करने के लिए रोड डिवाइडर पर लगे पौधों की ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से होगी सिंचाई

इंदौर में पानी की बचत करने के लिए रोड डिवाइडर पर लगे पौधों की ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से होगी सिंचाई

इस कदम से सिंचाई के पुराने तरीकों की तुलना में पानी की मात्रा में काफी कमी आएगी।

इंदौर नगर निगम ने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने और जल निकायों की सफाई आदि जैसे कई उपाय करके पानी के उपयोग में सुधार के लिए लगातार काम कर रहा है। अब पानी की बर्बादी को कम करने के लिए रोड डिवाइडर पर लगे पौधों को ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से सींचा जाएगा। इस कदम से पुराने तरीकों से इन पौधों को पानी देने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा में काफी कमी आएगी।

70% तक पानी बचाएगा ड्रिप इरिगेशन

इस पहल के पहले चरण में रीगल स्क्वायर (Regal Square) और मधुमिलन स्क्वायर (Madhumilan Square) के बीच ड्रिप इरिगेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। यह लगभग 600 मीटर रोड डिवाइडर को कवर करेगा, जिस पर प्लांट लगे होंगे। बताया गया है कि यदि इस क्षेत्र में पहल काम करती है तो शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ड्रिप इरिगेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस पूरे पैच को पानी देने के लिए सिस्टम को 40 मिनट का समय लगेगा। इस दौरान पानी धरती में 1.5 मीटर गहराई तक पहुंच जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिवाइडर पर लगे पौधों को पानी देने में 3500 लीटर से ज्यादा का इस्तेमाल होता है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के साथ, पानी के इस विशाल उपयोग में 70% की कमी आएगी।

शहर को हरा-भरा बनाने के लिए जल संरक्षण तकनीकें

शहर में हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है, सार्वजनिक स्थानों पर पौधों के कुशल पानी और रखरखाव की बहुत आवश्यकता है। यह देखा गया है कि भीषण गर्मी के कारण पौधे कुछ ही समय में मुरझा जाते हैं। इस तरह की स्मार्ट वाटरिंग तकनीकों से स्थिति में सुधार होने की संभावना है। इससे सड़क पर चलने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत मिलेगी और शहर को हरा-भरा लुक मिलेगा।

इससे पहले, इंदौर नगर निगम ने भी शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए 400 शहर जंगलों को स्थापित करने का फैसला किया गया था। हरे भरे ये जंगल जहां भी संभव हो वर्षा जल संचयन प्रणाली से सुस्सजित होंगे।

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