देश भर में चल रहे सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैन (Single Use Plastic Ban) के अभियानों में ऐसे कई अनोखी पहल सामने आयीं हैं जिसमें हर वर्ग के लोगों का पर्यावरण के हित के प्रति जज़्बा दिखाई दे रहा है। रोज़ाना हम ऐसे परिवर्तनशील लोगों की कहानियां पढ़ रहे हैं जो प्लास्टिक के ख़िलाफ़ इस मुहीम में पुरज़ोर तरीके से शामिल है। ऐसी ही एक 10 वर्षीय विख्यात जलवायु कार्यकर्ता (climate activist) लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) की विकासशील कहानी हम आज लेकर आये हैं जिन्होंने दैनिक जीवन से सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single-use plastic) वस्तुओं को समाप्त करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘प्लास्टिक मनी शॉप’ (Plastic Money Shop) नामक एक पहल शुरू की है।
इस मनी शॉप (money shop) में लोग घर से कोई भी सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा ला सकते हैं और इस ‘प्लास्टिक मनी शॉप’ (Plastic Money Shop) पर मुफ्त चावल या स्टेशनरी का सामान या एक पौधा प्राप्त कर सकते हैं। आईये इतनी कम उम्र की लिसिप्रिया द्वारा शुरू की गयी इस पहल के बारे में अधिक जानें।
एक युवा दिमाग की नेक एवं परिवर्तनशील पहल
This is going to change the world. 🙏🏻
Ready to launch the first shop in India where you can buy any products by single use plastics waste. Later, we will convert those plastics waste into recycled school benches and desks, house roof, road tiles, bricks, etc. pic.twitter.com/tLDZvpuxTT
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) April 14, 2021
अपनी पहल के बारे में बात करते हुए कंगुजम कहती हैं की हर एक किलो सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे के बदले, दो किलो चावल या दो नोटबुक या एक पेंसिल बॉक्स या एक पौधे का पौधा मुफ्त में दिया जाएगा।
“कोई भी घर से प्लास्टिक की पानी की बोतलें, पॉलिथीन बैग, आइसक्रीम और चिप्स पैकेट कवर और ऐसे अन्य सामान जैसे किसी भी इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक कचरे को ला सकता है। विचार यह है कि गरीबों को चावल या जिन्हे स्टेशनरी की जरूरत नहीं है, स्टेशनरी का सामान और पौधे देकर उनकी मदद की जाए। हम विभिन्न स्थायी पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। कंगुजम ने आगे उल्लेख किया कि एकत्र किए गए सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा ताकि पर्यावरण के अनुकूल रोड टाइल्स, हाउसिंग रूफ शीट और स्कूल बेंच बनाये जा सकें।
दिल्ली के कुल 1,060 टन प्लास्टिक कचरे में 5.6 प्रतिशत सिंगल यूज़ प्लास्टिक है
“हम पर्यावरण के अनुकूल सड़क टाइलें, घर की छत की चादरें, ईंटें और स्कूल की सीटें बनाने के लिए सभी एकत्रित सिंगल यूज़ मलबे को राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में अपसाइकल होने के भेजेंगे।
दिल्ली में हर दिन 1,060 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, और माना जाता है कि शहर के कुल ठोस कचरे का 5.6 प्रतिशत (या 56 किलो प्रति मीट्रिक टन) सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरा है। कंगुजम (Kangujam) ने आगे कहा कि इसी तरह के अभियान अगले सप्ताह से अन्य राज्यों में शुरू किए जाएंगे; और यह कि ‘प्लास्टिक मनी शॉप’ (Plastic Money Shop) 12 जुलाई से दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में शुरू हो जाएगी।
Today open the World’s first “Plastic Money Shop” at Delhi University to eliminate single used plastic waste in India. From tomorrow, it will move to various schools. People can bring single used plastics & can take free school stationary items 🎒📚 or rice 🍚 or a sapling 🌱.🙏 pic.twitter.com/KRwtOQph7m
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) July 10, 2022
“हम जो खाद्य पदार्थ खरीदते हैं, वे आमतौर पर एक ही इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक में पैक किए जाते हैं और अंत में एक लैंडफिल या झील या नदी में जाते हैं। जहां यह हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है, वहीं इस प्लास्टिक प्रदूषण संकट के कारण जानवर और समुद्री जीवन दांव पर लगा है। मुझे विश्वास है कि मेरे छोटे से प्रयास संकट को कम करने में मदद कर सकते हैं। हमें घर में प्लास्टिक की खपत को कम करना चाहिए।”
“राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन हमें प्लास्टिक की पानी की बोतलें और चिप्स और आइसक्रीम पैकेट सहित सभी प्रकार के सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single-use plastic) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है, जो मुख्य रूप से प्रदुषण योगदान करते हैं।
Plastic Cafe – गुजरात के इस कैफे में आप प्लास्टिक कचरा देकर खा सकतें हैं स्वच्छ एवं स्वादिष्ट खाना
कानपुर में खुला देश का पहला और एशिया का सबसे बड़ा प्लास्टिक कचरे से बना लूडो पार्क
हरियाणा की रहने वाली 19 वर्षीया शनन ढाका ने रचा इतिहास, NDA परीक्षा के पहले महिला बैच में टॉप किया
Bhagwani Devi Dagar – 94 साल की दादी ने विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में जीते 3 पदक
