लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) - प्लास्टिक मनी शॉप 
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Plastic Ban - लिसिप्रिया कंगुजम ने दिल्ली विश्वविद्यालय में खोली देश की पहली प्लास्टिक मनी शॉप

इस 'प्लास्टिक मनी शॉप' में लोग घर से कोई भी सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा ला सकते हैं और मुफ्त चावल या स्टेशनरी का सामान या एक पौधा प्राप्त कर सकते हैं।

Aastha Singh

देश भर में चल रहे सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैन (Single Use Plastic Ban) के अभियानों में ऐसे कई अनोखी पहल सामने आयीं हैं जिसमें हर वर्ग के लोगों का पर्यावरण के हित के प्रति जज़्बा दिखाई दे रहा है। रोज़ाना हम ऐसे परिवर्तनशील लोगों की कहानियां पढ़ रहे हैं जो प्लास्टिक के ख़िलाफ़ इस मुहीम में पुरज़ोर तरीके से शामिल है। ऐसी ही एक 10 वर्षीय विख्यात जलवायु कार्यकर्ता (climate activist) लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) की विकासशील कहानी हम आज लेकर आये हैं जिन्होंने दैनिक जीवन से सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single-use plastic) वस्तुओं को समाप्त करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में 'प्लास्टिक मनी शॉप' (Plastic Money Shop) नामक एक पहल शुरू की है।

इस मनी शॉप (money shop) में लोग घर से कोई भी सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा ला सकते हैं और इस 'प्लास्टिक मनी शॉप' (Plastic Money Shop) पर मुफ्त चावल या स्टेशनरी का सामान या एक पौधा प्राप्त कर सकते हैं। आईये इतनी कम उम्र की लिसिप्रिया द्वारा शुरू की गयी इस पहल के बारे में अधिक जानें।

एक युवा दिमाग की नेक एवं परिवर्तनशील पहल

अपनी पहल के बारे में बात करते हुए कंगुजम कहती हैं की हर एक किलो सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे के बदले, दो किलो चावल या दो नोटबुक या एक पेंसिल बॉक्स या एक पौधे का पौधा मुफ्त में दिया जाएगा।

“कोई भी घर से प्लास्टिक की पानी की बोतलें, पॉलिथीन बैग, आइसक्रीम और चिप्स पैकेट कवर और ऐसे अन्य सामान जैसे किसी भी इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक कचरे को ला सकता है। विचार यह है कि गरीबों को चावल या जिन्हे स्टेशनरी की जरूरत नहीं है, स्टेशनरी का सामान और पौधे देकर उनकी मदद की जाए। हम विभिन्न स्थायी पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। कंगुजम ने आगे उल्लेख किया कि एकत्र किए गए सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा ताकि पर्यावरण के अनुकूल रोड टाइल्स, हाउसिंग रूफ शीट और स्कूल बेंच बनाये जा सकें।

दिल्ली के कुल 1,060 टन प्लास्टिक कचरे में 5.6 प्रतिशत सिंगल यूज़ प्लास्टिक है

लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) - प्लास्टिक मनी शॉप

“हम पर्यावरण के अनुकूल सड़क टाइलें, घर की छत की चादरें, ईंटें और स्कूल की सीटें बनाने के लिए सभी एकत्रित सिंगल यूज़ मलबे को राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में अपसाइकल होने के भेजेंगे।

दिल्ली में हर दिन 1,060 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, और माना जाता है कि शहर के कुल ठोस कचरे का 5.6 प्रतिशत (या 56 किलो प्रति मीट्रिक टन) सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरा है। कंगुजम (Kangujam) ने आगे कहा कि इसी तरह के अभियान अगले सप्ताह से अन्य राज्यों में शुरू किए जाएंगे; और यह कि 'प्लास्टिक मनी शॉप' (Plastic Money Shop) 12 जुलाई से दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में शुरू हो जाएगी।

“हम जो खाद्य पदार्थ खरीदते हैं, वे आमतौर पर एक ही इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक में पैक किए जाते हैं और अंत में एक लैंडफिल या झील या नदी में जाते हैं। जहां यह हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है, वहीं इस प्लास्टिक प्रदूषण संकट के कारण जानवर और समुद्री जीवन दांव पर लगा है। मुझे विश्वास है कि मेरे छोटे से प्रयास संकट को कम करने में मदद कर सकते हैं। हमें घर में प्लास्टिक की खपत को कम करना चाहिए।"

"राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन हमें प्लास्टिक की पानी की बोतलें और चिप्स और आइसक्रीम पैकेट सहित सभी प्रकार के सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single-use plastic) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है, जो मुख्य रूप से प्रदुषण योगदान करते हैं।

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