हम आज राजस्थान की सुखपाली पंवार की कहानी आप तक लेकर आये हैं, जिन्होंने पूरे भारत की महिलाओं के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है। सुखपाली ने यह साबित कर दिया की महिलाएं अपने विकास को प्रतिबंधित करने वाली सभी सीमाओं को तोड़कर अपने इरादों को सच कर सकती हैं। पक्षी- ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की सुरक्षा के लिए पहली महिला वन रक्षक के रूप में जानी जाने वाली, सुखपाली पंवार की यात्रा कई घटनाओं से जुड़ी हुई है जो वीलडलाइफ़ के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती हैं। यह लेख सुखपाली पंवार की पहल पर प्रकाश डालता है जब वह राजस्थान के डेजर्ट नेशनल पार्क में तैनात थीं।
उत्तर प्रदेश में अब सड़क की खुदाई और कटान करने के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब बिना डीएम की अनुमति के सड़क की खुदाई या कटान नहीं की जा सकेगी। यूटिलिटी सेवाओं जैसे कि केबल, सीवर, ड्रेन आदि के लिए...
