काफी दिनों के इंतजार के बाद इंदौर का पहला एस्ट्रोटर्फ बिजलपुर में बनाया जाएगा और इस परियोजना के लिए लगभग 5 एकड़ भूमि दी गई गई है। टर्फ के बेस (base) का निर्माण शुरू हो गया है और परियोजना को 12 महीनों में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। शहर के हॉकी खिलाड़ी अगले साल से नई सिंथेटिक हॉकी पिच का उपयोग करेंगे। 12 से 17 वर्ष की आयु के कई खिलाड़ी इस नई सुविधा पर खेलने के लिए उत्सुक हैं।
एस्ट्रो मैदान की खासियत
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एस्ट्रोटर्फ मैदान की खास बात यह होती है, कि यह पूरी तरह समतल (Flat) होता है। इसमें कृत्रिम घास (artificial grass) उगाई जाती है, जो साधारण घास की अपेक्षा अधिक मजबूत होती है। इस घास की मिट्टी के अंदर पकड़ मजबूत होती है, जिससे खेल के दौरान यह उखड़ती नहीं है। यही नहीं, खेल के दौरान मैदान पर गड्ढे पड़ने की समस्या से भी छुटकारा मिल जाता है।
इस मैदान पर दिन और रात, दोनों टाइम मैच खेले जा सकते हैं। क्रिकेट मैदान की तरह इस मैदान पर फ्लड लाइट (Flood Light) लगाई जाती हैं। इसके साथ ही चेंजिंग रूम, टॉयलेटस, वार्म अप होने के लिए अलग से कमरे बनाए जाते हैं। एस्ट्रोटर्फ मैदान का सीधा फायदा जिले के उन सैकड़ों खिलाड़ियों को मिलेगा, जो सुविधाओं के अभाव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में नहीं पहुंच पाते हैं।







