लखनऊ नगर निगम ने शहर के हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स के बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का एलान कर दिया है। इस ओटीएस योजना को लेकर पास प्रस्ताव में सिर्फ बकाया पूरा ब्याज माफ किए जाने का प्रावधान है। बकाया मूल टैक्स में छूट का प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में यदि शासन ने नगर निगम के प्रस्ताव को मूल रूप में मंजूर किया तो बकायेदारों को सिर्फ ब्याज से ही छूट मिलेगी।
योजना का लाभ मिलने में लग सकता है एक महीना
इस एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आने में अभी करीब एक महीने का समय लग सकता है। क्यूंकि सदन से जारी प्रस्ताव की कार्यवाही मेयर के स्तर से जारी होगी। इसके बाद शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। फिर शासन से जो भी नियम शर्त बनाई जाएंगी उसी के आधार पर ओटीएस योजना का लागू किया जाएगा और जनता को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट दस दिन में तैयार हो पाएगी। फिर मेयर इस रिपोर्ट को देखेंगी और अपने हस्ताक्षार करेंगी। इसके बाद नगर निगम प्रशासन संबंधित विभागों को अमल करने के लिए जारी करेगा। यदि 15 दिन में शासन रिपोर्ट चली गई तो फिर वहां से दिशानिर्देश तय होने के बाद इस योजना को 15 दिन के भीतर लागू कर दिया जाएगा।
लखनऊ के 3 लाख से ज्यादा बकायेदारों को मिलेगा लाभ
ओटीएस योजना का लाभ शहर के 3,16,590 भवन स्वामियों को मिलेगा। इन सभी पर कुल 661.95 करोड़ का बकाया है और इसमें 382.80 करोड़ टैक्स है और 279.15 करोड़ रुपये ब्याज है। प्रस्ताव के तहत ओटीएस योजना का लाभ 1 अप्रैल 2022 तक के बकाये पर ही मिलेगा। इसमें बकाये पर पूरा ब्याज माफ़ कर दिया जाएगा और यह छूट आवासीय और अनावासीय सभी तरह के भवनों पर मिलेगी। इसके साथ ही उन भवनस्वामियों को भी ओटीएस योजना का लाभ मिलेगा जिनका मकान तो कई साल पुराना है लेकिन गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है। शासन का आदेश आने से पहले गृहकर निर्धारण करा लेंगे तो पुराने बकाये पर ब्याज नहीं देना होगा।





