स्मार्ट सिटी योजना के तहत लखनऊ को जल्द ही 10 नए फुट ओवर ब्रिज मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस डेवलपमेंट परियोजना के प्रस्ताव को प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है। इस कदम का उद्देश्य पैदल चलने वालों को आवागमन में आसानी और सुरक्षा प्रदान करना है, जिन्हें भारी ट्रैफिक के बीच व्यस्त सड़कों को पार करना पड़ता है और यह खतरनाक भी होता है।
पीडब्लूडी की मंजूरी के बाद शुरू होगा काम
इन पुलों के निर्माण के लिए अब तक अधिकारियों ने शहर में राम मनोहर लोहिया अस्पताल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, मिठाई वाला स्क्वायर और हनीमन चौराहा सहित चार स्थानों को अंतिम रूप दिया है।
शुक्रवार को बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने खुलासा किया कि प्रशासन वर्तमान में अन्य उपयुक्त क्षेत्रों को भी निर्धारित कर रहा है। सभी स्थानों को अंतिम रूप देने और लोक निर्माण विभाग से एनओसी प्राप्त करने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
नगर निगम लखनऊ
निकाय कोड- 800951
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में दस नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे|
इससे भारी ट्रैफिक वाली चौड़ी सड़कों पर पैदल चलने वाले आसानी से एक तरफ से पार कर दूसरी और जा सकेंगे। शुक्रवार को हुई बैठक में इसका प्रस्ताव पास कर दिया गया । pic.twitter.com/XzFkVlCMX6— Lucknow Municipal Corporation (@LMC_IECofficial) April 30, 2022
परियोजना के लिए अलग से कोई फंड आवंटित नहीं
अधिकारियों के अनुसार, चूंकि इन फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता नहीं होती है, इसके लिए अलग से कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है। लखनऊ भर में चल रही अन्य विकास योजनाओं से बचे हुए धन का उपयोग इन फुट ओवर ब्रिजों को स्थापित करने के लिए किया जाएगा।
एक बार पूरा हो जाने पर यह प्रोजेक्ट शहर की व्यस्त सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों के लिए वरदान का काम करेगा। उन्हें एक सुरक्षित और मुफ्त पैदल मार्ग प्रदान करने के अलावा, फुट ओवरब्रिज मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वालों की संख्या को कम करके वाहनों के संचालन को सुव्यवस्थित करने में भी मदद करेंगे।
