भारत समेत पूरी दुनिया में मोटापा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है जिसके कारण करोड़ो लोग मोटापे से होने वाली गंभीर बिमारियों का शिकार होते जा रहे हैं। मोटापे को भारत में रोकने के लिए भारत सरकार अब मोटापा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों पर फैट टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। निति आयोग के अनुसार अधिक चीनी, वसा और नमक वाले खाद्य पदार्थों पर कराधान (फैट टैक्स) और फ्रंट-ऑफ-द-पैक लेबलिंग जैसे कदम उठाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। फ्रंट-ऑफ-द-पैक लेबलिंग से उपभोक्ताओं को अधिक चीनी, वसा और नमक वाले उत्पादों को पहचानने में मदद मिलती है।
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राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार देश में मोटापे से ग्रस्त महिलाओं की संख्या 24% हो गई है, जो 2015-16 में 20.6% थी। पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा 18.4% से बढ़कर 22.9% हो गया है। आपको बता दें कि भारत में केरल ने 2016 में सबसे पहले 14.5% फैट टैक्स लगाया था। वहीं, दुनिया में सबसे पहले डेनमार्क ने 2011 में फैट टैक्स लगाया था लेकिन बाद में इसे वापस ले लिए था। वहीं, मैक्सिको, चिली, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका में भी फैट टैक्स लगता है।
