प्रधानमंत्री ने सोमवार को कोविड महामारी के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना (PM CARES for Children) को जारी किया। इस योजना के तहत बुनियादी जरूरतों के लिए 4,000 रुपये प्रति माह, स्कूली शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का वादा किया है। सरकार ने पिछले साल 29 मई को इस योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 11 मार्च 2020 से 28 फरवरी, 2022 के बीच कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक,या माता-पिता में से किसी एक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।
20 हजार रुपए की स्कॉलरशिप
प्रधानमंत्री ने स्कूली बच्चों को स्कॉलरशिप ट्रांसफर की। इसके तहत प्रत्येक बच्चे को 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन पासबुक और हेल्थ कार्ड भी मुहैया कराया जा रहा है। इस योजना के तहत सरकार को 23 राज्यों के 611 जिलों से 9,042 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 31 राज्यों के 557 जिलों में 4,345 आवेदन स्वीकृत किए गए। सरकार बच्चों के खाने-पीने से लेकर उनकी पढ़ाई तक का ख्याल रखती है।
बच्चों को मिलने वाले फायदा
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कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को केंद्र सरकार की तरफ से निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी
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10 साल से छोटे बच्चों का नजदीकी सेंट्रल स्कूल या प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलवाया जा रहा है।
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11 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों को सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय जैसे केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय स्कूल में शिक्षा देने की योजना।
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बच्चे की फीस, स्कूल, यूनिफार्म, किताब और कॉपियों के खर्च का भुगतान पीएम केयर्स फंड से होगा।
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ऐसे बच्चों को सरकार 18 साल की उम्र तक हर महीने भत्ता देगी।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत 18 साल तक 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
