लखनऊ लोकप्रिय रूप से नवाबों के शहर के रूप में जाना जाता है, पहले ‘अवध’ मुगल राजाओं और नवाबों के शासन के अधीन था, जिन्होंने इसकी संस्कृति, प्रशासन और राजनीतिक स्थिति की देखभाल की। यह ऐतिहासिक महत्व के मामले में अक्सर सबसे खूबसूरत शहरों में से एक के रूप में माना जाता है, लेकिन इस शहर की गाथा अवध की घेराबंदी के वर्णन के बिना अधूरी है।
1857 के विद्रोह और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ भारतीय विद्रोह में लखनऊ की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बहुत कुछ जाना जाता है। शहर के बीच में ब्रिटिश रेजिडेंसी के खंडहर में बहादुरी और वीरता का सबूत आज भी मिलता है। अवध में केवल सैनिकों ने ही नहीं, बल्कि आम लोगों ने भी हथियार उठाए। आईये इतिहास के पन्नों में दर्ज इस वीरता की गाथा को उजागर करें, और जानें कि लखनऊ रेजीडेंसी की दीवारों में अभी भी उकेरी गई गोलियों के पीछे का सच।
