भारत और दुनिया के के सबसे बुजुर्ग रॉयल बंगाल टाइगर ‘राजा’ की अलीपुरद्वार (Alipurduar) जिले के जलदापाड़ा जंगल (Jaldapara Jungle) में उसके आश्रय में मृत्यु हो गई है। इस साल, 23 अगस्त को राजा के 25वें जन्मदिन को वन विभाग द्वारा उल्लास के साथ मनाया जाना था। वर्ष 2008 में एक मगरमच्छ के हमले से बचने के बाद राजा को इसी दिन एक नया जीवन मिला था। मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल रॉय के अनुसार, राजा ने हाल के दिनों में गंभीर बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखाए और पशु चिकित्सकों ने उनकी मृत्यु का कारण बुढ़ापे से संबंधित समस्याओं को बताया, जो अधिक उम्र में अचानक सामने आ सकती हैं। राय ने साझा किया कि राजा की मृत्यु 25 साल और 10 महीने में हुई, और यह राज्य के किसी भी रॉयल बंगाल टाइगर के मुकाबले सबसे अधिक जीवित रहा।
14 साल पहले राजा एक मगरमच्छ हमले में बुरी तरह घायल हो गया था
West Bengal | Raja – the tiger from SKB rescue center, died today around 3 AM at the age of 25 years and 10 months making it one of the longest surviving tigers in the country. pic.twitter.com/kg7l5UFFu7
— ANI (@ANI) July 11, 2022
हालाँकि, अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर सके कि क्या राजा देश का सबसे पुराना रॉयल बंगाल टाइगर भी था ? लेकिन अधिकारियों के अनुसार ऐसा संभव हो सकता है क्यूंकि टाइगर आमतौर पर 20 साल से अधिक जीवित नहीं रहते हैं। राजा पर 2006 में एक मगरमच्छ ने हमला कर दिया था जिसके बाद उसे 2008 में दक्षिण खैरबारी टाइगर रेस्क्यू सेंटर (South Khairbari Eco Park) में रखा गया था। तब वह लगभग 11 वर्ष का था और वहाँ वह 15 वर्षों तक जीवित रहा, जिसके बाद वह देश के सबसे पुराने जीवित बाघों में से एक बन गया। सुंदरबन में एक नदी पार करते समय समय मगरमच्छ ने राजा पर हमला किया जिससे उसे 10 से ज्यादा चोटें आई थीं। दरअसल, मगरमच्छ ने राजा पर बुरी तरह हमला किया था, जिससे उसका पिछला हिस्सा बुरी तरह जख्मी हो गया था। जिसपर प्रोस्थेटिक का इस्तेमाल किया गया था।
आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर चिड़ियाघर में साल 2014 में जनवरी के महीने में सबसे पुराने टाइगर 26 वर्षीय गुड्डू की मृत्यु हो गई थी।
