मांडू का मध्य प्रदेश और भारत के इतिहास से परिचय पुराना है। मध्य प्रदेश में पहाड़ी की चोटी पर बसा यह छोटा शहर, जिसकी जड़ें 8वीं शताब्दी ई. में परमार राजवंश से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, शहर के इतिहास के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, जो ख़ासियत इसे दिलचस्प बनाती है वह है प्राचीन जल संरक्षण प्रणालियां। मांडू में उस समय इस्तेमाल की जाने वाली जल संरक्षण तकनीकें आज भी शहर में रहने वाले लोगों के काम आ रही हैं। आईये जानते हैं किस प्रकार मांडू में किस प्रकार एक बेहतरीन एवं स्ट्रेटेजिक तरीक से जहाज़ महल के माध्यम से पानी को संरक्षित किया गया।
उत्तर प्रदेश में अब सड़क की खुदाई और कटान करने के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब बिना डीएम की अनुमति के सड़क की खुदाई या कटान नहीं की जा सकेगी। यूटिलिटी सेवाओं जैसे कि केबल, सीवर, ड्रेन आदि के लिए...
