वर्षों से भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय बड़े पैमाने पर बाकी समाज के द्वारा किये जाने वाले उत्पीड़न का शिकार रहा है। लेकिन 2014 में जब सुप्रीम कोर्ट ने नालसा ( NALSA) का फैसला सुनाया, तब ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों को अपनी एक अलग एवं विशेष पहचान बनाने का मार्ग मिला। तब से लेकर अभी तक काफी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने सामाजिक बेड़ियों को तोड़ते हुए अपना एक विशेष मार्ग प्रशस्त किया है। हाल ही में, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने ट्रांसजेंडर समुदाय और भिखारियों के लिए SMILE (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise) नामक एक योजना लॉन्च की।
उत्तर प्रदेश में अब सड़क की खुदाई और कटान करने के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब बिना डीएम की अनुमति के सड़क की खुदाई या कटान नहीं की जा सकेगी। यूटिलिटी सेवाओं जैसे कि केबल, सीवर, ड्रेन आदि के लिए...
















