राजस्थान के हर कोने में वहां की समृद्ध संस्कृति और राजसी रहन सहन की चमक देखने को मिलती है। राजस्थान के महल जितने अलंकृत और आकर्षक हैं, वहां का स्थानीय रहन सहन भी उतना ही रंगीला और गहरा है। सदियों से राजाओं, रानियों और स्थानीय लोगों ने अपने सर्वस्व को बलिदान करके अपने गौरव की रक्षा की है। आज हम आपको राजस्थान के ‘खेजड़ी’ जो की राज्य का राजकीय वृक्ष भी है, उसके इतिहास और राजस्थान के लोगों के बीच उसकी प्रासंगिकता के विषय में बताएँगे।
उत्तर प्रदेश में अब सड़क की खुदाई और कटान करने के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब बिना डीएम की अनुमति के सड़क की खुदाई या कटान नहीं की जा सकेगी। यूटिलिटी सेवाओं जैसे कि केबल, सीवर, ड्रेन आदि के लिए...
















