आने वाले दिनों में हवाई जहाज से सफर करना महंगा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) में लगातार वृद्धि हो रही है जिसके चलते जल्द हवाई जहाज से सफर करने वालों को अधिक कीमत चुकानी होगी। स्पाइस जेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने कहा कि जून, 2021 के बाद से विमान ईंधन में 120 प्रतिशत की वृद्धि हो चुक है। इस बढ़ोतरी को विमान कंपनियां ज्यादा दिन तक वहन नहीं कर सकती।
ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों को विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर शुल्क घटाने का जल्द फैसला करना होगा। भारत में विमान ईंधन पर लगाया जाने वाला शुल्क सबसे ज्यादा है। एक एयरलाइन के कुल संचालन लागत में विमान ईंधन की हिस्सेदारी 50% तक होती है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में हो रही गिरावट भी एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से विमान कंपनियों पर आर्थिक भोज बढ़ रहा है। क्योंकि विमान कंपनियों के कई सारे खर्चों का भुगतान डॉलर में होता है, ऐसे में किराया बढ़ाने के अलावा कोई ओर रास्ता नहीं है।
विमान ईंधन की कीमत में 19,757 रुपये की वृद्धि
तेल कंपनियों ने बीते गुरुवार को विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में 19757.13 रुपये प्रति किलोलीटर (16.26) प्रतिशत वृद्धि का एलान किया है। जिसके बाद दिल्ली में विमान ईंधन की कीमत 1,41,232.87 रुपये प्रति किलोलीटर (141.20) प्रति लीटर हो गई है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली और 16 तारीख को विमान ईंधन की कीमतों में संशोधन करती है।
विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल की यह देश में अभी तक अधिकतम कीमत है। तेल कंपनियां इंटरनेशनल बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर कीमत तय करती है। अभी देश में पेट्रोल, डीज़ल और गैस लागत से कम कीमत पर बेची जा रही है। मई के महीने में सरकार ने पेट्रोल डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने का फैसला किया था लेकिन इसके बाद फिर से क्रूड आयल महंगा हो गया है।
















