लखनऊ में भातखंडे राज्य सांस्कृतिक विश्वविद्यालय (बीएससीयू) अब प्रदर्शन कला ( visual arts), भाषा और सांस्कृतिक अध्ययन, धर्मशास्त्र और अन्य पाठ्यक्रमों के दायरे को बढ़ाने के लिए तीन नए विभागों के शुभारंभ की योजना बना रहा है। नए विभागों के इस सेशन ही शुरू होने की उम्मीद है। ये विजुअल आर्ट, भारतीय इतिहास और संस्कृति, बुद्ध एवं जैन स्टडीज के डेडिकेटेड विभाग होंगे। इसके अतिरिक्त, 2022-23 जुलाई सेशन से विश्वविद्यालय उन छात्रों के लिए 87 पाठ्यक्रम शुरू करेगा जो यहां एक डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते हैं।
भातखंडे में पांच वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे
पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे सम्मानित सांस्कृतिक विश्वविद्यालयों में से एक, भातखंडे को हाल ही में (जनवरी 2022 में) एक पूर्ण राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इसके साथ विश्विद्यालय ने अब सभी के लाभ के लिए अपने पाठ्यक्रम में विविधता लाने और विस्तृत करने की योजना बनाई है।
विश्वविद्यालय ने अपने दायरे में नए 5 साल के लंबे पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है, जो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, भारतेंदु नाट्य अकादमी, राज्य ललित कला अकादमी, जैन अनुसंधान संस्थान, बुद्ध अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय कथक संस्थान, संत कबीर अकादमी और अयोध्या शोध संस्थान जैसे ऑटोनॉमस सांस्कृतिक संस्थानों के सहयोग से चलाए जाएंगे।
लखनऊ में नए अवसर
रजिस्ट्रार तुहिन श्रीवास्तव ने कहा, अब तक पाली, प्राकृत, पांडुलिपि और पेलियोग्राफी, संग्रहालय, दर्शन और धर्म जैसे कई अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के उम्मीदवारों को वाराणसी, गया और दिल्ली के केंद्रों में जाना पड़ता था। हालांकि, छात्र अब लखनऊ में इन और अन्य पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ा सकते हैं।
“इन कार्यक्रमों के बारे में अंतिम निर्णय सोमवार को अकादमिक परिषद की बैठक में लिया जाएगा। पाठ्यक्रम छात्रों को हमारे देश की संस्कृति और विरासत को बेहतर तरीके से सीखने में मदद करेंगे। प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होगी।”
















