देश के प्रमुख टाईगर रिजर्वों में से एक जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी खबर है। बीते 15 जून से कार्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिये रात्रि विश्राम पूरी तरह से बंद हो गया है। ऐसे में आप जिम कार्बेट पार्क जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इस बात को जान लें कि अब आप ढिकाला जोन से जंगल सफारी का भी आनंद नहीं ले पाएंगे क्योंकि यहां से इस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर प्रवेश बंद हो गया है। यह कदम मानसून सीजन व सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है।
30 जून को बंद हो जाएगी बिजरानी रेंज में सफारी
गौरतलब है कि मानसून में जंगल के रास्ते खराब हो जाते हैं। यह पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है और इसी वजह से कॉर्बेट को हर साल बंद किया जाता है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक नरेश कुमार ने बताया कि नाइट स्टे की सुविधा अक्टूबर या नवम्बर की स्थिति के अनुसार खोला जाएगा।
30 जून को बिजरानी रेंज में सफारी भी बंद हो जाएगी। कार्बेट पार्क में ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला आदि पर्यटन जोन में नाइट स्टे की सुविधा बंद भले ही बंद हो गयी हो लेकिन पर्यटक ढिकाला को छोड़कर अन्य जोन में दिन की सफारी कर सकेंगे।
जिम कॉर्बेट में क्या है ख़ास ?
जिम कार्बेट नेशनल पार्क में हर साल देशभर से पर्यटक आते हैं और यहां जंगल सफारी का लुत्फ उठाते हैं। रामनगर स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान देश के बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल है। पर्यटक यहां कई प्रकार के जंगली जानवरों को देख सकते हैं और जंगल की खूबसूरती से रूबरू हो सकते हैं। पर्यटक इस नेशनल पार्क में करीब से तेंदुआ, बाघ और हिरण को देख सकते हैं और रोमांचित हो सकते हैं। यह नेशनल पार्क 1318 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर्यटक कई प्रकार के पक्षी, पौधों और जानवरों की प्रजातियों को बेहद नजदीक से देख सकते हैं। इसके अलावा हाथी की सवारी और ट्रैकिंग भी कर सकते हैं।
















