उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में विधानसभा चुनाव में ईवीएम के द्वारा वोटिंग का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में वोटिंग ईवीएम द्वारा हो रही है। उसके बाद 10 मार्च को वोटों की काउंटिंग होगी। लेकिन क्या आप जानते है वोटिंग के बाद ईवीएम कहां रखी जाती है। ईवीएम का डाटा कैसे सुरक्षित रखा जाता है और कब तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ईवीएम को स्ट्रांग रूम तक कैसे पहुंचाया जाता है। कितने दिन ईवीएम में डाटा सुरक्षित रखा जा सकता है। ईवीएम की सुरक्षा कैसे होती है और कैसे पोलिंग पार्टियों को ईवीएम आवंटित की जाती है। और भारत में ईवीएम का इस्तेमाल पहली बार कब हुआ था।आपके इन्ही सारे सवालों के जवाब आज हम आपके लिए इस लेख के द्वारा लेकर आये हैं।
उत्तर प्रदेश में अब सड़क की खुदाई और कटान करने के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब बिना डीएम की अनुमति के सड़क की खुदाई या कटान नहीं की जा सकेगी। यूटिलिटी सेवाओं जैसे कि केबल, सीवर, ड्रेन आदि के लिए...
















