पढ़िए यूपी में जन्में सुप्रसिद्ध कवि ‘सर्वेश्वर दयाल सक्सेना’ जी के काव्य संग्रह से उद्घृत कुछ अंश
कल जो भी फसल उगेगी, लहलहाएगीमेरे ना रहने पर भीहवा से इठलाएगीतब मेरी आत्मा सुनहरी धूप बन बरसेगीजिन्होने बीज बोए ...
कल जो भी फसल उगेगी, लहलहाएगीमेरे ना रहने पर भीहवा से इठलाएगीतब मेरी आत्मा सुनहरी धूप बन बरसेगीजिन्होने बीज बोए ...