कानपुर मेट्रो के चल रहे काम में और तेजी लाते हुए, यूपी सरकार ने कानपुर मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए 747 करोड़ रुपये अलग रखे हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन कानपुर में दो कॉरिडोर पर तेजी से काम कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राज्य के बजट के एक भाग के रूप में, इस फंड का उपयोग कानपुर के रैपिड ट्रांजिट सिस्टम में इन दो आगामी मार्गों पर काम में तेज़ी लाने के लिए किया जाएगा। UPMRC के इंजीनियरों ने निर्माण कार्य में काफी तेजी कर दी है, जिसकी वजह से मोतीझील से आगे के स्टेशनों के निर्माण के लिए अब तक दो टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं।
2024 तक पूरे होने हैं कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर
कानपुर मेट्रो के पहले कॉरिडोर के पहले चरण में आईआईटी से मोतीझील तक निर्माण पूरा हो चूका है। और अब बड़ा चौराहा और नयागंज स्टेशन बनाने के काम चल रहा है। अब एलिवेटेड स्टेशनों में बैलेंस सेक्शन के अंतर्गत बारादेवी से लेकर नौबस्ता तक एलिवेटेड ट्रैक बनाना है। इस सेक्शन में कुल 5 मेट्रो स्टेशनों का निर्माण होना है। बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता स्टेशनों के सिविल निर्माण एंव फिनिशिंग की अनुमानित लागत 526 करोड़ रुपये है। कानपुर सेंट्रल से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक भूमिगत सेक्शन 2 का निर्माण होना है और इस पर 1250 करोड़ रुपये खर्च किये जाने हैं।
यूपी के मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
कानपुर मेट्रो के लिए अलग रखे गए बजट के अलावा, राज्य प्रशासन ने राज्य भर में इस तेज गति के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए धन भी दिया है। इसमें आगामी गोरखपुर मेट्रो लाइट परियोजना, आगरा मेट्रो और दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना शामिल है।
चालू वित्त वर्ष के राज्य के बजट से इसके लिए कुल ₹1,910 करोड़ आवंटित किए गए हैं। प्रशासन की ये पहल राज्य भर में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के मौजूदा नेटवर्क को बढ़ाने का एक साधन है।
