उत्तर प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व चित्रकूट के रानीपुर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उत्तर प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड ने बीते शुक्रवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। 630 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में रानीपुर टाइगर रिजर्व विकसित किया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के फलस्वरूप पन्ना टाइगर रिजर्व में जलभराव होने के कारण यहां के बाघ चित्रकूट की ओर आएंगे इसलिए प्रदेश सरकार यहां टाइगर रिजर्व बनाने जा रही है। वन्यजीव बोर्ड ने लखनऊ के अंतर्गत कुकरैल क्षेत्र में नाइट सफारी और आधुनिक चिड़ियाघर के विकास के लिए भी मंजूरी दे दी है।
बढ़ रही है बाघों की संख्या
उत्तर प्रदेश में सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में बाघों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। साल 2014 में कुल 117 बाघ थे जो साल 2018 में बढ़कर 173 हो गए हैं। वर्तमान में बाघों की संख्या 200 के करीब होने की संभावना है। इसी साल बाघों की नई गणना के परिणाम आ जाएंगे। आपको बता दें कि अभी यूपी में तीन टाइगर रिजर्व है। इनमें दुधवा टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, और पीलीभीत टाइगर रिजर्व, शामिल है।
इसके साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सरकार प्रदेश में चार वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी बनाने जा रही है। यह रेस्क्यू सेंटर हस्तिनापुर (मेरठ वन प्रभाग), मधवलिया (महराजगंज), बहिलपुरवा (चित्रकूट वन प्रभाग) व गोपालपुर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) में स्थापित होंगे। इन सभी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण आगामी दो वर्ष में पूरा किया जाने का लक्ष्य है।





